Structural Engineering

About the Department

Structural Engineering is a core specialization in Civil Engineering. There is a growing demand for specialists in Structural Engineering. The aim of this course is to fulfill this need. Practicing engineers will find the course very useful and interesting. It will enable them to update their knowledge in the field of structural behavior and design. The curriculum has been so designed as to give exposure to the students on areas of structural analysis, design, detailing and construction. The course also includes the use of general-purpose application-oriented computer software in the field of Structural Engineering using finite element analysis and optimization techniques. The students have ample scope for placement in construction industries and educational institutions.

Vision of the Department

The vision of the Department of structural Engineering is to achieve unique identity by development of knowledge resources and highly competent Civil Engineers in various fields of structural Engineering to meet local, national, and global economic and social needs.

Carrier scope in Structural Engineering

Research Laboratories: –

There are about a dozen laboratories with various research and testing facilities all over the India. Here the faculty consists of eminent specialists from diverse fields.

  • CSIR-SERC
  • IIT Kharagpur
  • CSIR(Mumbai)
  • CSIR(Chennai)

Private Organizations:


Faculties

अपील

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प्रिय शिक्षकगण एवं छात्रगण,
आप सभी को विदित है कि पूरा देश इस समय नोवेल कोरोना वायरस (COVID-19) के संक्रमण से जूझ रहा है और इसके कारण अपने राज्य में भी संकट की स्थिति उत्पन्न हो गयी है । इस बीमारी का सामना करने के लिये अभी तक कोई औषधि भी उपलब्ध नहीं है । केवल विभिन्न प्रकार के बचावों से ही इस महामारी से निपटा जा सकता है ।
इस वायरस से निजात पाने और इसकी शृँखला को तोड़ने के लिए भारत सरकार ने सम्पूर्ण देश में लाकडाऊन करने का अहम् फैसला किया है । सरकार के इस फैसले का सम्मान करते हुए स्वयं की रक्षा हेतु आप अपने घर में ही रहें । कोरोना वायरस से बचाव के लिए सामाजिक दूरी बनाकर रखें । नियमित रूप से बार बार साबुन से हाथ धोएं और सेनेटाइजर का प्रयोग करें । समाज के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते सोशल मीडिया जैसे फ़ेसबुक, व्हाइटस एप, ई मेल इत्यादि के माध्यम से अपने घर के लोगों, मित्रों, सगे संबंधियों और पडोसियों को भी घर में ही रहने के लिये प्रेरित करें । अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें । किसी आपात स्थिति में घर से बाहर निकलने से पहले वायरस से सुरक्षा हेतु अपने नाक-मुहँ को ढकने के लिए साफ़ रूमाल या मास्क का उपयोग करें । साथ ही लाकडाऊन की स्थिति में शासन द्वारा समय समय पर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का पूर्णतः पालन करें । कोरोना वायरस से खुद भी बचें तथा औरों को भी बचाएँ ।
प्यारे छात्रों से आग्रह है कि लाकडाऊन की स्थिति में स्वयं को शैक्षणिक रुप से सुदृढ बनाने के लिए NPTEL-SWAYAM एवं अन्य विभिन्न संस्थाओं द्वारा चलाए जा रहे आन लाईन कोर्सेस का आधिक से अधिक लाभ उठाये । इस क्रम में शिक्षकों से भी आग्रह है कि शिक्षक भी घर बैठे AICTE के NITTT (National Initiative for Technical Teachers Training, www.nittt.ac.in) द्वारा संचालित 8 मॉडुल कोर्स (जो कि नए शिक्षकों के लिए अनिवार्य है) में रजिस्ट्रेशन करके कोर्स अनिवार्य रूप से पूर्ण करें |
किसी भी शैक्षणिक/अकादमिक तथा परीक्षाओ से सम्बंधित गतिविधियों की जानकारी के लिये अपने महाविद्यालय के प्राचार्य/अध्यक्ष/निदेशक/शिक्षक से मोबाईल, व्हाटस एप, ई मेल के माध्यम से सम्पर्क में रहें तथा विश्वविद्यालय की वेबसाइट, www.csvtu.ac.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें ।

आपसे आशा और विश्वास करते हैं कि आप घर में रहें सचेत रहें, जागरूक रहें और स्वस्थ रहें ।

शुभ कामनाओं सहित,

(मुकेश कुमार वर्मा)

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